To Sell is Human (Hindi)


क्या आपको लगता है कि आप सेल्समैन नहीं हैं इसलिए आपको बेचना नहीं आता। बधाई हो आप अपनी जिंदगी के सबसे बड़े धोखे में जी रहे हैं। बिना इन्फ्लुएंस के आप घर में रिमोट तक नहीं जीत सकते और दुनिया बदलने की सोच रहे हैं। क्या सच में इतनी बोरिंग लाइफ जीनी है।

डैनियल पिंक की बुक टू सेल इस ह्यूमन हमें बताती है कि आज के दौर में हर इंसान एक सेल्समैन है। अगर आप दूसरों को अपनी बात मनवाना नहीं सीख रहे तो आप बहुत पीछे छूट रहे हैं। चलिए जानते हैं वह ३ लेसन जो आपकी लाइफ बदल देंगे।


लेसन १ : दि न्यू एबीसी - अट्यूनमेंट, बायोएन्सी और क्लैरिटी

आज के जमाने में अगर आप सोचते हैं कि सेल्स का मतलब सिर्फ तेल या बीमा बेचना है तो आप शायद पिछले दशक में जी रहे हैं। डैनियल पिंक कहते हैं कि पुराने जमाने की एबीसी यानी आलवेज बी क्लोजिंग अब कबाड़ हो चुकी है। अब असली गेम अट्यूनमेंट, बायोएन्सी और क्लैरिटी का है। चलिए इसे थोड़ा देसी स्टाइल में समझते हैं।

सबसे पहले बात करते हैं अट्यूनमेंट की। इसका सीधा मतलब है दूसरों की फ्रीक्वेंसी से खुद को मैच करना। मान लीजिए आप अपने पापा से नई बाइक के लिए पैसे मांग रहे हैं। अब अगर आप उन्हें जाकर यह कहेंगे कि मुझे बाइक चाहिए क्योंकि मुझे दोस्तों के साथ लद्दाख जाना है तो आपको बाइक नहीं शायद उड़ता हुआ चप्पल मिलेगा। यहाँ अट्यूनमेंट गायब है। लेकिन अगर आप उन्हें यह समझाएं कि कॉलेज दूर है और बस में जाने से आपका कीमती समय बर्बाद होता है जो आप पढ़ाई में लगा सकते हैं तो बात बनने के चांस बढ़ जाते हैं। आपने खुद को उनके नजरिए से जोड़ लिया। यह चापलूसी नहीं है बल्कि सामने वाले के दिमाग के रेडियो को अपनी आवाज पर सेट करना है। जो लोग दूसरों की भावनाओं को नहीं पढ़ पाते वह अक्सर अकेले ही रह जाते हैं और फिर कहते हैं कि दुनिया उन्हें समझती नहीं है। सच तो यह है कि आपने समझने की कोशिश ही नहीं की।

दूसरा हिस्सा है बायोएन्सी। सेल्स की दुनिया में रिजेक्शन उतना ही पक्का है जितना कि शादियों में पनीर की सब्जी खत्म होना। बायोएन्सी का मतलब है उस रिजेक्शन के समंदर में डूबने के बजाय ऊपर तैरते रहना। जब भी कोई हमें मना करता है तो हमारा इगो ऐसे टूटता है जैसे कांच का गिलास। पिंक कहते हैं कि खुद से यह मत कहिए कि मैं यह कर सकता हूँ बल्कि खुद से सवाल पूछिए कि क्या मैं यह कर सकता हूँ। जब आप खुद से सवाल पूछते हैं तो आपका दिमाग बहाने बनाने के बजाय रास्ते खोजने लगता है। अगर आप एक ना सुनकर बिस्तर पकड़ लेते हैं तो यकीन मानिए आप इस कॉम्पिटिशन वाली दुनिया के लिए नहीं बने हैं। थोड़े ढीठ बनिए क्योंकि सक्सेस उन्हीं को मिलती है जो हार को पर्सनली नहीं लेते।

तीसरा और सबसे जरूरी है क्लैरिटी। पुराने जमाने में सेल्समैन के पास जानकारी होती थी और खरीदार के पास नहीं। आज गूगल बाबा की जय हो। सबको सब पता है। अब आपका काम जानकारी देना नहीं बल्कि समस्या को पहचानना है। मान लीजिए आप किसी को फोन बेच रहे हैं। उसे फीचर्स मत बताइए वह तो उसने ऑनलाइन देख लिए होंगे। उसे यह बताइए कि यह फोन उसकी फोटोग्राफी की गंदी स्किल्स को कैसे सुधार सकता है। जब आप सामने वाले की वह प्रॉब्लम ढूंढ लेते हैं जो उसे खुद भी नहीं पता थी तब आप एक एक्सपर्ट बन जाते हैं। अगर आप अभी भी सिर्फ रटा रटाया ज्ञान बांट रहे हैं तो आप एक इंसान नहीं बल्कि एक सस्ते चैटबॉट हैं जिसकी किसी को जरूरत नहीं है।

यह पहला कदम था अपनी पर्सुएशन पावर को बढ़ाने का। जब आप दूसरों से जुड़ना और रिजेक्शन को झेलना सीख जाते हैं तभी आप अपनी बात मनवाने के काबिल बनते हैं। लेकिन क्या सिर्फ इतना काफी है। बिल्कुल नहीं क्योंकि असल चुनौती तब आती है जब आपको खुद को एक ऐसी भीड़ में खड़ा करना हो जहाँ हर कोई चिल्ला रहा है।


लेसन २ : नॉन सेल्स सेलिंग - आप हर पल कुछ न कुछ बेच रहे हैं

अगर आपको लगता है कि आपकी जॉब में सेल्स शामिल नहीं है तो शायद आप अपनी ही दुनिया में खोए हुए हैं। डैनियल पिंक कहते हैं कि हम अपनी वर्किंग लाइफ का लगभग चालीस परसेंट हिस्सा दूसरों को मूव करने में बिताते हैं। इसे वह नॉन सेल्स सेलिंग कहते हैं। इसका मतलब है कि आप किसी को अपना सामान नहीं बल्कि अपना आईडिया या अपना नजरिया बेच रहे हैं। क्या आपने कभी अपनी बॉस को सैलरी बढ़ाने के लिए मनाया है। क्या आपने कभी अपनी पार्टनर को अपनी पसंद की फिल्म दिखाने के लिए राजी किया है। अगर हाँ तो बधाई हो आप एक सेल्समैन हैं।

दिक्कत यह है कि हम सेल्स शब्द को एक गंदी गाली की तरह देखते हैं। हमें लगता है कि सेल्स का मतलब है किसी को बेवकूफ बनाकर उसकी जेब से पैसे निकालना। लेकिन आज की दुनिया में जहाँ इन्फॉर्मेशन हर किसी के पास है वहां धोखेबाजी ज्यादा दिन नहीं चलती। अब सेलिंग का मतलब है सेवा करना। अगर आप एक टीचर हैं तो आप स्टूडेंट्स को ज्ञान बेच रहे हैं ताकि उनका भविष्य सुधरे। अगर आप एक डॉक्टर हैं तो आप मरीज को एक हेल्दी लाइफस्टाइल का आईडिया बेच रहे हैं। अगर आप अभी भी इस इगो में बैठे हैं कि मैं तो बहुत पढ़ा लिखा हूँ और मुझे यह सब करने की जरूरत नहीं है तो यकीन मानिए आपका ज्ञान उस बंद अलमारी की तरह है जिसकी चाबी खो गई हो।

सोचिए उस इंजीनियर के बारे में जो दुनिया का सबसे बेहतरीन एप बना सकता है लेकिन उसे अपनी टीम को यह समझाना नहीं आता कि यह एप क्यों जरूरी है। उसका टैलेंट धरा का धरा रह जाएगा। लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि ऑफिस में कम टैलेंटेड लोग आगे बढ़ जाते हैं। सच तो यह है कि वह लोग आपसे बेहतर सेल्समैन हैं। उन्होंने अपनी वैल्यू को मूव करना सीख लिया है और आप अभी भी अपने कोने में बैठकर चमत्कार का इन्तजार कर रहे हैं। बिना किसी को मूव किए आप सिर्फ एक दर्शक बनकर रह जाएंगे जो दूसरों की कामयाबी पर तालियां बजाता है।

शादी का मार्केट देख लीजिए, वहां लड़का और लड़की एक दूसरे को अपनी बेस्ट इमेज बेच रहे होते हैं। लड़का बताता है कि वह कितना जिम्मेदार है और लड़की बताती है कि वह कितनी समझदार है। यह भी तो सेल्स ही है। अगर आप वहां अपनी कमियां गिनाने बैठ जाएं तो आपको जीवनसाथी नहीं बल्कि सिर्फ सहानुभूति मिलेगी। लाइफ एक लगातार चलने वाली पिच है। अगर आप अपनी बात को सही ढंग से पेश करना नहीं जानते तो आप उस दुकान की तरह हैं जिसका शटर हमेशा गिरा रहता है। ग्राहक बगल वाली दुकान पर चला जाएगा और आप सिर्फ महंगाई का रोना रोते रह जाएंगे।

इसलिए इस भ्रम से बाहर निकलिए कि सेल्स आपका काम नहीं है। जब तक आप सांस ले रहे हैं और समाज में रह रहे हैं आप एक सेल्समैन हैं। बस फर्क इतना है कि कुछ लोग इसमें उस्ताद बन जाते हैं और कुछ लोग इसे दूसरों का काम समझकर अपनी ग्रोथ रोक लेते हैं। जब आप यह समझ जाते हैं कि दूसरों की मदद करना ही असली सेलिंग है तो आपका डर खत्म हो जाता है। लेकिन दूसरों को मूव करने के लिए आपके पास एक और हथियार होना चाहिए और वह है आपकी कहानी कहने का तरीका।


लेसन ३ : दि पिच - एक मिनट में दुनिया जीतने का हुनर

पुराने जमाने में लोग लंबी चौड़ी बातें करके दूसरों को बोर करते थे पर आज किसी के पास पांच मिनट का भी टाइम नहीं है। अगर आप अपनी बात को एक मिनट में या एक लाइन में नहीं समझा सकते तो समझ लीजिए आपने मौका खो दिया। डैनियल पिंक कहते हैं कि पिच का मतलब सिर्फ भाषण देना नहीं है बल्कि सामने वाले के दिमाग में एक सवाल या एक ख्याल छोड़ देना है। अक्सर लोग गलती यह करते हैं कि वह अपनी उपलब्धियां गिनाने लगते हैं। मैं ऐसा हूँ और मैं वैसा हूँ। सच तो यह है कि किसी को आपके बारे में जानने में दिलचस्पी नहीं है बल्कि सबको इसमें इंटरेस्ट है कि आप उनके किस काम आ सकते हैं।

पिंक ने पिच करने के कुछ मॉडर्न तरीके बताए हैं जो आपके पुराने घिसे पिटे स्टाइल को पूरी तरह बदल देंगे। सबसे बेहतरीन है क्वेश्चन पिच। जब आप किसी को कुछ बताते हैं तो वह उसे इग्नोर कर सकता है। लेकिन जब आप किसी से सवाल पूछते हैं तो उसका दिमाग उसे प्रोसेस करने पर मजबूर हो जाता है। मान लीजिए आप जिम ट्रेनर हैं और किसी को अपनी सर्विस बेचना चाहते हैं। यह कहने के बजाय कि मैं बेस्ट ट्रेनिंग देता हूँ आप उनसे पूछिए कि क्या आप अगले महीने अपनी पुरानी जींस में फिट होना चाहते हैं। अब उनके पास सिर्फ हाँ या ना का विकल्प है और उनका दिमाग खुद जवाब ढूंढने लगेगा। यह तरीका सामने वाले को खुद फैसले लेने का मौका देता है जो किसी भी दबाव से ज्यादा असरदार होता है।

एक और मजेदार तरीका है ट्विटर पिच यानी सिर्फ एक लाइन की दमदार बात। अगर आप अपनी पूरी कहानी १४० कैरेक्टर्स में नहीं कह सकते तो आपकी बात में दम नहीं है। इसे ऐसे समझिए जैसे आप किसी फिल्म का ट्रेलर देख रहे हों। अगर ट्रेलर में सस्पेंस नहीं है तो कोई पूरी फिल्म देखने नहीं जाएगा। अक्सर लोग अपनी मीटिंग्स में इतनी थ्योरी झाड़ते हैं कि सुनने वाला सोने के बहाने ढूंढने लगता है। अपनी बात को इतना छोटा और धारदार बनाइये कि वह सीधे दिल पर जाकर लगे। अगर आप अपनी वैल्यू को संक्षेप में नहीं समझा पा रहे तो समझ लीजिए कि आपकी खुद की क्लैरिटी में ही झोल है।

डेटिंग एप्स की दुनिया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वहां आपकी प्रोफाइल ही आपकी पिच है। जो लोग पूरी बायोग्राफी लिख देते हैं उन्हें अक्सर लेफ्ट स्वाइप ही मिलता है। लेकिन जो एक लाइन में खुद को फनी या मिस्टीरियस दिखा देते हैं उनके पास मैचेस की लाइन लग जाती है। लाइफ भी एक ऐसा ही एप है जहाँ हर मोड़ पर आपको खुद को स्वाइप राइट करवाना पड़ता है। अगर आप वही पुरानी बातें दोहराएंगे तो लोग आपको बोर मानकर आगे बढ़ जाएंगे। अपनी कहानी में थोड़ा ट्विस्ट लाइए और थोड़ा सस्पेंस रखिए।

सब कुछ जानने के बाद अब वक्त है असल मैदान में उतरने का। याद रखिए कि बेचना कोई गुनाह नहीं है बल्कि यह एक कला है जिससे आप दूसरों की जिंदगी बेहतर बना सकते हैं। अगर आप चुपचाप बैठे रहेंगे तो आपकी काबिलियत आपकी कब्र तक ही सीमित रह जाएगी। बाहर निकलिए और अपनी बात को पूरी दुनिया तक पहुंचाइए क्योंकि अगर आप अपनी मदद खुद नहीं कर सकते तो कोई और भी नहीं करेगा। उठिए और आज ही किसी को मूव करना शुरू कीजिए।

-----

आपकी छोटी सी Help हमें और ऐसे Game-Changing Summaries लाने में मदद करेगी। DY Books को Donate करके हमें Support करें🙏 - Donate Now




#BookSummary #SalesSkills #HindiMotivation #CareerGrowth #PersonalDevelopment


_

Post a Comment

Previous Post Next Post