Warren Buffett Invests Like a Girl: and Why You Should Too (Hindi)


अगर आप भी उन कूल लड़कों में से हैं जो मार्केट गिरते ही पैनिक बटन दबा देते हैं तो मुबारक हो आप अपना पैसा आग में झोंक रहे हैं। आप खुद को शेयर बाजार का चीता समझते हैं पर सच तो यह है कि आपका पोर्टफोलियो रो रहा है क्योंकि आप एक लड़की की तरह इन्वेस्ट करना नहीं जानते।

आज हम लोअन्न लोफ्टन की किताब से वॉरेन बफे के उन ८ सीक्रेट्स को डिकोड करेंगे जो साबित करते हैं कि लड़कियां लड़कों से बेहतर इन्वेस्टर क्यों होती हैं और आप कैसे अपना प्रॉफिट बढ़ा सकते हैं। चलिए इन ३ बड़े लेसन्स को डिटेल में समझते हैं जो आपकी किस्मत बदल देंगे।


लेसन १ : ओवरकॉन्फिडेंस का चश्मा उतारिए और पेशेंस का दामन थामिए

अगर आपको लगता है कि दिन भर में दस बार पोर्टफोलियो चेक करना और हर आधे घंटे में ट्रेड लेना आपको अमीर बना देगा तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। सच तो यह है कि ज्यादातर लड़के खुद को स्टॉक मार्केट का आइंस्टीन समझते हैं। उन्हें लगता है कि उन्हें मार्केट की हर चाल पहले से पता है। इसी को हम ओवरकॉन्फिडेंस कहते हैं। रिसर्च बताती है कि पुरुष अक्सर जरूरत से ज्यादा ट्रेड करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि वे मार्केट को बीट कर सकते हैं। पर नतीजा क्या निकलता है। सिर्फ भारी ब्रोकरेज और लॉस।

वहीं दूसरी तरफ लड़कियां या महिलाएं इस मामले में काफी स्मार्ट होती हैं। वे यह मानकर चलती हैं कि वे सब कुछ नहीं जानतीं। और यही बात उन्हें एक बेहतर इन्वेस्टर बनाती है। वे एक बार अच्छी रिसर्च करके पैसा लगाती हैं और फिर आराम से बैठ जाती हैं। वे मार्केट के उतार चढ़ाव को देखकर बार बार अपनी स्ट्रेटेजी नहीं बदलतीं। इसे एक रियल लाइफ एग्जांपल से समझिए। मान लीजिए आपको दिल्ली से मुंबई जाना है। एक लड़का होगा जो हर दस मिनट में गूगल मैप्स चेक करेगा और हर शॉर्टकट लेने की कोशिश करेगा ताकि वह पांच मिनट पहले पहुंच सके। इस चक्कर में वह कई बार रास्ता भटक जाता है या एक्सीडेंट कर बैठता है। लेकिन एक लड़की आराम से सही रास्ते पर चलती है और बिना किसी फालतू रिस्क के अपनी मंजिल पर पहुंच जाती है।

वॉरेन बफे भी यही कहते हैं कि इन्वेस्टमेंट में सबसे बड़ी ताकत दिमाग नहीं बल्कि पेशेंस यानी सब्र है। लड़के अक्सर यह सोचते हैं कि अगर आज शेयर नहीं खरीदा तो मौका हाथ से निकल जाएगा। वे फोमो यानी फियर ऑफ मिसिंग आउट के शिकार हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि उनके बगल वाले शर्मा जी ने अगर किसी एआई स्टॉक से पैसा कमाया है तो उन्हें भी तुरंत वही करना चाहिए। यह वैसा ही है जैसे आप किसी पार्टी में जाकर सिर्फ इसलिए नाचने लगें क्योंकि बाकी सब नाच रहे हैं भले ही आपको डांस का ड भी न आता हो।

लड़कियां इस प्रेशर में नहीं आतीं। वे तब तक हाथ नहीं डालतीं जब तक उन्हें पूरा भरोसा न हो जाए। वे अपनी गलतियों से सीखने में शर्म महसूस नहीं करतीं। जबकि हम लड़के अपनी गलती मान लेने के बजाय मार्केट को या किस्मत को दोष देने लगते हैं। अगर आप सच में प्रॉफिट कमाना चाहते हैं तो आपको अपने अंदर की उस ईगो को मारना होगा जो आपसे कहती है कि आप हमेशा सही हैं। मार्केट किसी के बाप की जागीर नहीं है। यहाँ वही टिकता है जो शांत रहता है। वॉरेन बफे की तरह अपनी इन्वेस्टमेंट को बढ़ने का वक्त दीजिए। बार बार उसे उखाड़ कर मत देखिए कि जड़ें कितनी गहरी हुई हैं वरना पौधा सूख जाएगा। अपनी रिसर्च पर भरोसा रखिए और मार्केट के शोर को इग्नोर करना सीखिए। जब आप शांत होकर बैठना सीख जाते हैं तभी असली पैसा बनना शुरू होता है।


लेसन २ : रिस्क को कम करना सीखें और अपनी गलतियों से प्यार करें

इन्वेस्टिंग की दुनिया में लड़कों को अक्सर लगता है कि बड़ा रिस्क मतलब बड़ा प्रॉफिट। हम लड़के खुद को जेम्स बॉन्ड समझकर ऐसे स्टॉक्स में पैसा लगा देते हैं जिनके बारे में हमें ए बी सी डी भी नहीं पता होती। बस किसी दोस्त ने कह दिया या किसी रील में देख लिया और हम अपनी पूरी सेविंग्स उस पर दांव पर लगा देते हैं। यह इन्वेस्टमेंट नहीं बल्कि शुद्ध जुआ है। लोअन्न लोफ्टन अपनी किताब में बताती हैं कि महिलाएं रिस्क को मैनेज करने में उस्ताद होती हैं। वे कभी भी अंधेरे में तीर नहीं चलातीं।

लड़कियां पहले यह देखती हैं कि अगर यह डील खराब हुई तो उनका कितना नुकसान हो सकता है। वे सेफ्टी मार्जिन को बहुत सीरियसली लेती हैं। इसको ऐसे समझिए कि एक लड़का नई कार लेते ही उसे १०० की स्पीड पर भगाना चाहता है ताकि वह स्वैग दिखा सके। उसे लगता है कि ब्रेक की क्या जरूरत है जब इंजन इतना दमदार है। लेकिन एक लड़की पहले सीट बेल्ट चेक करेगी और देखेगी कि एयरबैग्स सही काम कर रहे हैं या नहीं। वह कार की स्पीड उतनी ही रखेगी जितनी वह कंट्रोल कर सके। शेयर बाजार में भी यही नियम काम करता है। अगर आप अपने रिस्क को कंट्रोल नहीं कर सकते तो मार्केट आपको कच्चा चबा जाएगा।

वॉरेन बफे हमेशा कहते हैं कि पहला रूल है पैसा मत गंवाओ और दूसरा रूल है पहले रूल को कभी मत भूलो। लड़के अक्सर अपनी ईगो की वजह से गलत ट्रेड को पकड़कर बैठे रहते हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने यह शेयर बेचा तो उनकी हार हो जाएगी। वे डूबते हुए जहाज के साथ खुद भी डूबना पसंद करते हैं सिर्फ इसलिए ताकि वे गलत साबित न हों। वहीं लड़कियां अपनी हार को जल्दी स्वीकार कर लेती हैं। अगर उन्हें लगता है कि उनकी रिसर्च गलत थी या कंपनी में कोई गड़बड़ है तो वे तुरंत अपना पैसा निकालकर बाहर हो जाती हैं। उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि लोग क्या कहेंगे।

हकीकत तो यह है कि मार्केट में वही राजा बनता है जो अपनी गलतियों को सुधारना जानता है। हम लड़कों को लगता है कि अगर हमने किसी पेनी स्टॉक में पैसा लगाया और वह डूब गया तो यह हमारी बदकिस्मती है। जबकि असलियत में वह हमारी बेवकूफी होती है। लड़कियां इन्वेस्टिंग को एक प्रोसेस की तरह देखती हैं न कि किसी एड्रेनालिन रश की तरह। वे शांत रहकर यह समझती हैं कि मार्केट उनके हिसाब से नहीं चलेगा बल्कि उन्हें मार्केट के हिसाब से चलना होगा। जब आप अपनी ईगो को जेब में डालकर इन्वेस्ट करना शुरू करते हैं तब आप एक मैच्योर इन्वेस्टर बनते हैं। फालतू के रिस्क लेना बंद कीजिए और अपनी मेहनत की कमाई को बचाने पर ध्यान दीजिए। अगर आप सुरक्षित रहेंगे तभी आप लंबे समय तक खेल पाएंगे।


लेसन ३ : शोर से दूर रहें और अपने पोर्टफोलियो को एक फिल्म की तरह न चलाएं

इन्वेस्टमेंट की दुनिया में सबसे बड़ी बीमारी है हर खबर पर रिएक्ट करना। लड़कों की आदत होती है कि वे दिन भर न्यूज चैनल्स देखते रहेंगे या टेलीग्राम ग्रुप्स में टिप्स ढूंढते फिरेंगे। जैसे ही कोई ब्रेकिंग न्यूज आती है कि इस देश में युद्ध शुरू हो गया या उस कंपनी का मुनाफा २ परसेंट गिर गया तो लड़के तुरंत अपने शेयर्स बेचने के लिए भागते हैं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने अभी कुछ नहीं किया तो वे पीछे छूट जाएंगे। यह वैसा ही है जैसे आप एक बहुत अच्छी मूवी देखने थिएटर गए हों और जैसे ही स्क्रीन पर कोई विलेन आए आप डर कर बाहर भाग जाएं। भाई फिल्म अभी खत्म नहीं हुई है पर आपको सस्पेंस झेलने की आदत ही नहीं है।

लड़कियां इस शोर को इग्नोर करने में माहिर होती हैं। वे बार बार टीवी के सामने बैठकर अपना सिर नहीं फोड़तीं। रिसर्च बताती है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत कम न्यूज फॉलो करती हैं और इसी वजह से वे शांत रहती हैं। उन्हें पता है कि अगर उन्होंने एक अच्छी कंपनी चुनी है तो शॉर्ट टर्म की खबरें उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकतीं। वे अपनी इन्वेस्टमेंट को एक फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह देखती हैं जिसे समय के साथ बढ़ना है। जबकि हम लड़के उसे किसी वीडियो गेम की तरह समझते हैं जहाँ हर वक्त कोई न कोई बटन दबाना जरूरी होता है। अगर आपका पोर्टफोलियो शांत पड़ा है तो आपको बेचैनी होने लगती है कि कुछ हो क्यों नहीं रहा है।

वॉरेन बफे का एक बहुत फेमस डायलॉग है कि अगर आप किसी शेयर को १० साल तक होल्ड करने की हिम्मत नहीं रखते तो उसे १० मिनट के लिए भी मत खरीदिए। लड़के अक्सर क्विक मनी के चक्कर में पड़ते हैं। उन्हें लगता है कि वे रातों रात करोड़पति बन जाएंगे। इसी चक्कर में वे उन कंपनियों में पैसा लगा देते हैं जिनका बिजनेस मॉडल उन्हें खुद समझ नहीं आता। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप किसी अजनबी से सिर्फ इसलिए शादी कर लें क्योंकि उसने अच्छे कपड़े पहने हैं। बाद में पता चलता है कि उसके संस्कार ही खराब हैं। लड़कियां शादी से पहले और इन्वेस्टमेंट से पहले पूरी कुंडली चेक करती हैं। वे शोर पर नहीं बल्कि फंडामेंटल्स पर भरोसा करती हैं।

अगर आप वाकई वेल्थ क्रिएट करना चाहते हैं तो आपको अपने अंदर के उस बेचैन लड़के को सुलाना होगा जो हर टिकर पर रिएक्ट करता है। मार्केट में उतार चढ़ाव आना उतना ही नॉर्मल है जितना दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक मिलना। इसका मतलब यह नहीं कि आप गाड़ी छोड़कर पैदल चलने लगें। अपनी रिसर्च पर अडिग रहें और दुनिया की बातों में आकर अपना प्लान न बदलें। जब आप शोर से ऊपर उठकर अपनी स्ट्रेटेजी पर टिके रहते हैं तभी कंपाउंडिंग का असली जादू शुरू होता है। याद रखिए मार्केट पैसे को बेचैन लोगों की जेब से निकालकर शांत लोगों की जेब में डालने का एक जरिया है। अब फैसला आपका है कि आप किस तरफ रहना चाहते हैं।


तो, अब समय है खुद से एक कड़वा सवाल पूछने का। क्या आप अभी भी वही पुराने तरीके अपनाकर अपना लॉस करना चाहते हैं या अब समय आ गया है कि आप अपनी ईगो छोड़कर एक स्मार्ट इन्वेस्टर की तरह सोचें। आज ही अपने पोर्टफोलियो को चेक कीजिए और देखिए कि आपने कहाँ फालतू के रिस्क लिए हैं। वॉरेन बफे के इन लेसन्स को अपनी लाइफ में उतारिए और कमेंट में बताइए कि आपका सबसे पसंदीदा लेसन कौन सा था। इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो मार्केट की गिरावट में सबसे ज्यादा रोते हैं। चलिए साथ मिलकर एक प्रॉफिटेबल फ्यूचर की शुरुआत करते हैं।

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