Your Best Year Ever (Hindi)


अभी भी वही घिसे पिटे न्यू ईयर रेजोल्यूशन बना रहे हो जो फरवरी आते ही कचरे के डिब्बे में मिलते हैं। बधाई हो आप अपनी लाइफ को फेलियर का म्यूजियम बनाने में एक्सपर्ट हो चुके हैं। बिना सही प्लान के गोल्स सेट करना खुद को धोखा देने का सबसे फनी तरीका है।

माइकल हयात की यह बुक समरी आपको उस अंधेरे से बाहर निकालेगी जहां आप हर साल सिर्फ सपने देखते हैं पर असलियत में कुछ नहीं बदलता। चलिए जानते हैं वे ३ लेसन जो आपकी लाइफ बदल देंगे।


लेसन १ : अपनी पुरानी सोच और पास्ट की जंजीरों को तोड़ना

जरा सोचिए आप एक कार चला रहे हैं और आपका पूरा ध्यान सिर्फ पीछे देखने वाले आईने यानी रियर व्यू मिरर पर है। क्या होगा। जाहिर है आप सामने वाले खंभे से जा टकराएंगे और लोग आपकी अकल पर तालियां बजाएंगे। हमारी जिंदगी में भी हम यही करते हैं। हम पिछले साल की नाकामियों और पुरानी गलतियों को इतनी मजबूती से पकड़कर बैठ जाते हैं कि आने वाला सुनहरा साल भी हमें डरावना लगने लगता है। माइकल हयात कहते हैं कि अगर आपको अपना बेस्ट ईयर चाहिए तो सबसे पहले आपको अपनी लिमिटिंग बिलीफ्स यानी अपनी उन सोच की दीवारों को गिराना होगा जो आपको आगे बढ़ने से रोक रही हैं।

अक्सर हम खुद से कहते हैं कि मैं बिजनेस नहीं कर सकता क्योंकि मेरे पास पैसा नहीं है या मेरी किस्मत ही खराब है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे कोई इंसान जिम के बाहर खड़े होकर कहे कि मैं अंदर इसलिए नहीं जा रहा क्योंकि मेरी बॉडी अभी फिट नहीं है। भाई बॉडी फिट करने के लिए ही तो जिम जाना पड़ता है। इसी तरह सक्सेस पाने के लिए पहले इस घटिया सोच को बदलना जरूरी है कि आप इसके लायक नहीं हैं। लोग अक्सर अपने पास्ट के फेलियर को अपना परमानेंट एड्रेस मान लेते हैं। अगर पिछले साल आपने जिम जाने का सोचा और सिर्फ दो दिन जाकर सो गए तो इसका मतलब यह नहीं कि आप आलसी हैं। इसका मतलब सिर्फ यह है कि आपका तरीका गलत था।

हकीकत तो यह है कि हमारा दिमाग हमें सुरक्षित रखना चाहता है इसलिए वह हर नए चैलेंज को एक खतरा बताता है। जब भी आप कुछ बड़ा करने की सोचते हैं तो अंदर से एक आवाज आती है कि भाई रहने दे तुझसे नहीं होगा। इस आवाज को चुप कराना ही आपकी पहली जीत है। माइकल हयात इसे बिलीफ अपग्रेड कहते हैं। पुरानी और सड़ी हुई सोच को हटाकर नई और पावरफुल सोच को इंस्टॉल करना। अगर आप आज भी उसी पुरानी कहानी को दोहरा रहे हैं जो आपने पांच साल पहले खुद को सुनाई थी तो यकीन मानिए आप अपनी ग्रोथ का गला खुद घोंट रहे हैं।

मान लीजिए आपके पास एक पुराना फोन है जो बार बार हैंग होता है। आप उसमें नया गेम डाउनलोड करना चाहते हैं लेकिन स्पेस ही नहीं है। अब आप चिल्ला रहे हैं कि गेम खराब है। अरे भाई गेम खराब नहीं है आपके फोन का कचरा साफ करने की जरूरत है। आपकी लाइफ भी वैसी ही है। जब तक आप अपने पास्ट के पछतावे और पुरानी हार का कचरा साफ नहीं करेंगे तब तक सक्सेस का नया सॉफ्टवेयर उसमें लोड नहीं हो पाएगा। इसलिए बीते हुए कल को एक टीचर की तरह देखें न कि एक जेलर की तरह। जो बीत गया वह एक लेसन था अब जो आने वाला है वह एक नया मौका है। अपनी लिमिट्स को चैलेंज कीजिए इससे पहले कि आपकी लिमिट्स आपकी लाइफ को चैलेंज करने लगें।


लेसन २ : स्मैटर (SMARTER) गोल्स का निर्माण

ज्यादातर लोग गोल्स कैसे सेट करते हैं। वे नए साल की पहली तारीख को सोकर उठते हैं और जोश में आकर डायरी में लिखते हैं कि कल से मैं अंबानी बन जाऊंगा या कल से मेरी बॉडी रॉक जैसी दिखेगी। यह गोल्स नहीं हैं यह सिर्फ आपकी अधूरी इच्छाएं हैं जो बिना किसी प्लान के पैदा हुई हैं। माइकल हयात कहते हैं कि अगर आप सच में जीतना चाहते हैं तो आपको स्मैटर यानी SMARTER तरीके से अपने गोल्स को डिजाइन करना होगा। यहाँ पर एस का मतलब है स्पेसिफिक एम का मतलब है मेजरेबल और आर का मतलब है रिस्की। जी हां आपने सही सुना रिस्की। अगर आपका गोल आपको थोड़ा सा डराता नहीं है तो समझ लीजिए कि वह गोल आपकी ग्रोथ के लिए बेकार है।

लोग अक्सर सेफ खेलने के चक्कर में इतने छोटे गोल्स बना लेते हैं कि उन्हें पूरा करने में कोई मजा ही नहीं आता। यह वैसा ही है जैसे कोई इंसान कहे कि मेरा आज का सबसे बड़ा गोल है कि मैं समय पर ब्रश कर लूं। भाई इसमें क्या बड़ी बात है। आपको ऐसे गोल्स चाहिए जो आपको आपके कंफर्ट जोन से लात मारकर बाहर निकालें। माइकल हयात का यह फ्रेमवर्क कहता है कि आपका गोल एक्साइटिंग होना चाहिए। अगर आपको अपना गोल याद करके नींद में भी जोश नहीं आता तो यकीन मानिए आप उसे कभी पूरा नहीं करेंगे। हम अक्सर दूसरों को दिखाने के लिए गोल्स बनाते हैं कि समाज क्या सोचेगा या पड़ोसी क्या कहेगा। जबकि हकीकत यह है कि पड़ोसियों को आपके गोल्स से ज्यादा आपकी हार में दिलचस्पी होती है।

मान लीजिए आपने सोचा कि आप वजन कम करेंगे। अब यह कोई गोल नहीं है। यह तो एक जोक है। स्मैटर तरीका यह कहेगा कि मैं अगले ९० दिनों में ५ किलो वजन कम करूंगा और इसके लिए मैं रोज सुबह ६ बजे उठकर दौड़ने जाऊंगा। अब इसमें डेट भी है और डेटा भी। जब तक आप अपने गोल्स को आंकड़ों में नहीं बांधते तब तक वे सिर्फ हवा में उड़ते हुए गुब्बारे हैं जो कभी भी फट सकते हैं। लोग कहते हैं कि वे अमीर बनना चाहते हैं। अरे भाई कितना अमीर। १० रुपये या १० करोड़। जब तक आपके पास कोई साफ नंबर नहीं होगा तब तक आपकी मेहनत का कोई मतलब नहीं है। बिना नक्शे के यात्रा करना और बिना स्पेसिफिक नंबर के गोल्स सेट करना दोनों ही आपको भटकाने के लिए काफी हैं।

सबसे बड़ी गलती हम यहाँ करते हैं कि हम एक साथ ५० चीजें सुधारना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हम कल से ही हेल्दी खाएं जल्दी उठें पैसा बचाएं और नई भाषा भी सीख लें। हमारा दिमाग कोई सुपर कंप्यूटर नहीं है जो इतने सारे कमांड्स एक साथ झेल ले। माइकल हयात सलाह देते हैं कि एक समय पर सिर्फ २ या ३ बड़े गोल्स पर फोकस करें। जब आप अपनी पूरी एनर्जी एक ही जगह लगाते हैं तो वहां से रिजल्ट निकलना पक्का है। यह वैसा ही है जैसे आप धूप में कागज जलाने की कोशिश कर रहे हों। अगर आप लेंस को बार बार हिलाएंगे तो कुछ नहीं होगा लेकिन अगर आप उसे एक ही जगह टिका कर रखेंगे तो आग लगनी तय है। इसलिए अपनी एनर्जी बिखेरने के बजाय उसे लेजर की तरह फोकस कीजिए और देखिए कैसे आपका यह साल आपके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनता है।


लेसन ३ : अपना क्यों (Why) तलाशें और मुश्किल समय में टिके रहें

मान लीजिए आप एक पहाड़ पर चढ़ रहे हैं। शुरुआत में आप बहुत जोश में थे क्योंकि आपने नई जूतियां पहनी थीं और इंस्टाग्राम के लिए अच्छी फोटो खिंचवानी थी। लेकिन जैसे ही चढ़ाई मुश्किल हुई और सांस फूलने लगी तो आप सोचने लगे कि मैं यहाँ कर क्या रहा हूं। घर पर सोफे पर लेटकर नेटफ्लिक्स देखना ज्यादा आसान था। यही वह मोड़ है जहां ९९ प्रतिशत लोग अपने गोल्स छोड़ देते हैं। माइकल हयात कहते हैं कि जब आपका रास्ता मुश्किल हो जाता है तो सिर्फ आपका मोटिवेशन आपको नहीं बचा सकता क्योंकि मोटिवेशन उस मेहमान की तरह है जो पार्टी खत्म होते ही गायब हो जाता है। आपको जरूरत होती है एक मजबूत क्यों यानी आपके पर्पज की।

ज्यादातर लोग गोल्स इसलिए सेट करते हैं क्योंकि वे कूल दिखना चाहते हैं। लेकिन जब सुबह ५ बजे अलार्म बजता है और बाहर ठंड होती है तो कूल दिखने का भूत उतर जाता है। उस वक्त अगर आपके पास एक गहरा इमोशनल कारण नहीं है तो आप पक्का अलार्म बंद करके सो जाएंगे। आपका क्यों वह इंजन है जो आपको तब भी खींचता है जब पेट्रोल खत्म हो चुका होता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो इसलिए मत कीजिए कि आपको अपनी पुरानी जींस में फिट होना है बल्कि इसलिए कीजिए ताकि आप अपने बच्चों के साथ बिना थके खेल सकें और एक लंबी सेहतमंद जिंदगी जी सकें। जब गोल के पीछे कोई बड़ा इमोशनल कारण जुड़ जाता है तो उसे छोड़ना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

अगर मैं आपसे कहूं कि इस १० मंजिला बिल्डिंग की छत से दूसरी छत पर रखे एक पतले पाइप पर चलकर जाओ तो आप मुझे पागल समझेंगे और शायद पुलिस को फोन कर देंगे। लेकिन अगर खुदा न खास्ता दूसरी बिल्डिंग में आग लगी हो और वहां आपका कोई अपना फंसा हो तो क्या आप सोचेंगे। आप बिना सोचे उस पाइप पर दौड़ जाएंगे। क्यों। क्योंकि अब आपके पास एक बहुत बड़ा कारण है। आपकी लाइफ के गोल्स के साथ भी यही लॉजिक काम करता है। जब तक आपके पास खोने के लिए कुछ बड़ा नहीं होगा या पाने के लिए कोई बहुत गहरी वजह नहीं होगी तब तक आप हर मुश्किल पर बहाना बनाकर पीछे हट जाएंगे।

हकीकत तो यह है कि सक्सेस का रास्ता कोई सीधा हाईवे नहीं है। इसमें गढ्ढे भी आएंगे और ट्रैफिक जाम भी मिलेगा। माइकल हयात सलाह देते हैं कि अपने गोल्स के साथ अपने उन फायदों की लिस्ट भी बनाएं जो आपको गोल पूरा होने पर मिलेंगे। साथ ही उन नुकसानों को भी लिखें जो आपको गोल पूरा न करने पर झेलने पड़ेंगे। जब आप अपनी आंखों के सामने अपनी बर्बादी और अपनी कामयाबी का फर्क देखते हैं तो आपका दिमाग अपने आप एक्टिव मोड में आ जाता है। यह साल आपका बेस्ट ईयर तभी बनेगा जब आपकी इच्छाएं आपकी मजबूरियों से बड़ी होंगी।

इसलिए याद रखिए कि गोल्स लिखना आसान है लेकिन उन पर टिके रहना एक तपस्या है। जब भी मन हार मानने को कहे तो खुद से पूछिए कि मैंने शुरू क्यों किया था। अगर जवाब में दम है तो आप फिर से खड़े हो जाएंगे। अगर जवाब कमजोर है तो शायद वह गोल आपका था ही नहीं। अपने पर्पज को इतना बड़ा बनाइए कि आपकी मुश्किलें उसके सामने बोनी लगने लगें।


यह साल सिर्फ कैलेंडर बदलने के बारे में नहीं है बल्कि खुद को बदलने के बारे में है। क्या आप तैयार हैं अपने कंफर्ट जोन की दीवारें तोड़कर अपने सपनों का पीछा करने के लिए। नीचे कमेंट में अपना सबसे बड़ा गोल लिखिए जिसे आप इस साल हर हाल में पूरा करना चाहते हैं। याद रखिए आपकी एक छोटी सी शुरुआत ही आपको बड़े मुकाम तक ले जाएगी। चलिए मिलकर इस साल को आपकी लाइफ का सबसे बेहतरीन साल बनाते हैं।

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