25 Hours a Day (Hindi)



आप शायद यह सोचकर खुश हैं कि आप बहुत मेहनत कर रहे हैं और आप अपनी किस्मत को दोष देकर चैन की नींद सो सकते हैं। लेकिन सच तो यह है कि आपकी एवरेज लाइफ का असली कारण आपका आलस और वो आखिरी एक्स्ट्रा स्टेप न उठाना है।

इस आर्टिकल में हम निक बेयर की पावरफुल किताब 25 आवर्स ए डे से वो सीक्रेट्स समझेंगे जो आपकी सुस्त जिंदगी को रफ्तार देंगे। चलिए इन 3 लेसन्स के जरिए जानते हैं कि कैसे आप अपनी लिमिट्स को तोड़कर एक विनर बन सकते हैं।


लेसन १ : द गो वन मोर मेंटेलिटी

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं। पहले वो जो काम खत्म होते ही घड़ी देखने लगते हैं और दूसरे वो जो निक बेयर की तरह गो वन मोर मेंटेलिटी रखते हैं। क्या आपको लगता है कि आप दिन भर बहुत बिजी रहते हैं। सच तो यह है कि आप सिर्फ बिजी होने का नाटक कर रहे हैं। जब आप जिम में आखिरी रैप लगाते हैं और आपका शरीर चीखकर कहता है कि बस अब और नहीं। ठीक उसी वक्त जो इंसान एक एक्स्ट्रा रैप लगा लेता है वही असली बाजी मारता है। यह सिर्फ जिम की बात नहीं है। यह आपकी पूरी लाइफ का सच है। निक बेयर कहते हैं कि सक्सेस का रास्ता उसी एक एक्स्ट्रा कदम से शुरू होता है जिसे उठाने की हिम्मत ९९ परसेंट लोग नहीं कर पाते।

जरा सोचिए आप ऑफिस में एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। शाम के ६ बज चुके हैं और आपकी पीठ में दर्द हो रहा है। आपका मन कर रहा है कि लैपटॉप बंद करें और घर जाकर नेटफ्लिक्स पर कोई फालतू शो देखें। यहाँ पर ज्यादातर लोग हार मान लेते हैं। लेकिन गो वन मोर वाला बंदा सोचेगा कि क्या मैं सिर्फ १० मिनट और काम कर सकता हूँ। क्या मैं एक ईमेल और भेज सकता हूँ। यही वो १० मिनट हैं जो आपको एवरेज से एलीट बनाते हैं। लोग अक्सर पूछते हैं कि भाई तेरे पास क्या २५ घंटे हैं जो तू इतना कुछ कर लेता है। निक का जवाब सीधा है कि हां मेरे पास वो एक्स्ट्रा घंटा है क्योंकि मैं उसे अपनी मेहनत से पैदा करता हूँ।

मान लीजिए आप एक नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। आप दिन भर रिसर्च करते हैं और रात को थक जाते हैं। अब आपके पास दो रास्ते हैं। या तो सो जाइए और कल का इंतज़ार करिए या फिर सिर्फ एक फोन कॉल और करिए। वो एक कॉल शायद आपका सबसे बड़ा क्लाइंट बन जाए। लेकिन आप तो ठहरे आलस के राजा। आपको लगता है कि बिना एक्स्ट्रा एफर्ट के ही आप दुनिया जीत लेंगे। यह सोच वैसी ही है जैसे बिना पेट्रोल डाले गाड़ी को भगाने की कोशिश करना।

हकीकत यह है कि हम सब अपनी लिमिट्स खुद तय करते हैं। निक बेयर जब आर्मी में थे तब उन्होंने सीखा कि जब आपका दिमाग कहता है कि आप थक चुके हैं तब असल में आप अपनी कैपेसिटी का सिर्फ ४० परसेंट ही इस्तेमाल कर रहे होते हैं। बाकी का ६० परसेंट आपके अंदर दबा पड़ा है क्योंकि आप बहुत आराम पसंद हो गए हैं। आपको अपनी लाइफ में वो वन मोर वाला स्विच ऑन करना होगा। चाहे वो एक किलोमीटर एक्स्ट्रा दौड़ना हो या एक पेज एक्स्ट्रा पढ़ना हो।

लोग अक्सर मोटिवेशन ढूंढते हैं। लेकिन मोटिवेशन एक धोखेबाज दोस्त की तरह है जो जरूरत के समय गायब हो जाता है। आपको मोटिवेशन नहीं बल्कि उस एक एक्स्ट्रा स्टेप की जिद चाहिए। जब आप इस मेंटेलिटी को अपना लेते हैं तो आप अपने कॉम्पिटिशन से कोसों आगे निकल जाते हैं। क्योंकि आपका कॉम्पिटिशन तो उस वक्त सो रहा होता है जब आप अपना वह आखिरी एक्स्ट्रा काम खत्म कर रहे होते हैं। यह लेसन आपको सिखाता है कि महानता की कोई फिनिश लाइन नहीं होती। आपको बस चलते रहना है और हर बार खुद से कहना है कि बस एक बार और।


लेसन २ : लीड बाय एग्जांपल

क्या आपने कभी उस बॉस के साथ काम किया है जो खुद तो दोपहर को ऑफिस आता है लेकिन आपसे सुबह ९ बजे की रिपोर्ट मांगता है। ऐसे इंसान को देखकर मन में सिर्फ एक ही ख्याल आता है कि भाई पहले खुद तो सुधर जाओ। निक बेयर कहते हैं कि अगर आप अपनी लाइफ या अपनी टीम में बदलाव चाहते हैं तो आपको सबसे पहले खुद को बदलना होगा। इसे कहते हैं लीड बाय एग्जांपल। लोग आपकी बातों से नहीं बल्कि आपके एक्शन से इंस्पायर होते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके बच्चे डिसिप्लिन में रहें लेकिन आप खुद हाथ में चिप्स का पैकेट लेकर सोफे पर पड़े रहते हैं तो आपकी बातों की वैल्यू जीरो है।

निक अपनी कंपनी बेयर परफॉरमेंस न्यूट्रिशन में यही रूल फॉलो करते हैं। वो अपनी टीम को ये नहीं कहते कि मेहनत करो। वो खुद सुबह ५ बजे उठकर वर्कआउट करते हैं और ऑफिस में सबसे पहले पहुँचते हैं। जब टीम देखती है कि उनका लीडर उनसे ज्यादा पसीना बहा रहा है तो उनकी हिम्मत अपने आप बढ़ जाती है। भारत में हम अक्सर दूसरों को सलाह देने में उस्ताद होते हैं। हम चाय की टपरी पर बैठकर देश चलाने की बातें तो बड़ी शान से करते हैं लेकिन अपने घर का कचरा सही डब्बे में डालने का कष्ट नहीं उठाते। निक का यह लेसन हमें आईना दिखाता है।

मान लीजिए आप एक फिटनेस ट्रेनर हैं और आपका पेट खुद बाहर निकला हुआ है। क्या कोई आपसे ट्रेनिंग लेना चाहेगा। बिल्कुल नहीं। लोग सोचेंगे कि जो बंदा अपनी खुद की सेहत नहीं संभाल सकता वो मुझे क्या खाक फिट बनाएगा। यही लॉजिक हर जगह फिट बैठता है। चाहे आप एक स्टार्टअप के फाउंडर हों या अपने घर के बड़े भाई। आपको वो बेंचमार्क सेट करना होगा जिसे देखकर लोग कहें कि मुझे इसके जैसा बनना है। यह कोई आसान काम नहीं है क्योंकि इसमें आपको अपनी ईगो साइड में रखकर सबसे कठिन काम खुद करना पड़ता है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि लीडर बनने का मतलब है सिर्फ आर्डर देना। लेकिन असली लीडर वो है जो युद्ध के मैदान में सबसे आगे खड़ा होता है। जब आप खुद को उन मुश्किल हालातों में डालते हैं जहाँ आप दूसरों को देखना चाहते हैं तब आप एक नेचुरल रिस्पेक्ट कमाते हैं। यह रिस्पेक्ट किसी पोजीशन या कुर्सी से नहीं आती बल्कि आपके पसीने और मेहनत से आती है। निक बेयर की यह फिलोसॉफी आपको सिखाती है कि आप दूसरों को उस रास्ते पर नहीं ले जा सकते जिस पर आप खुद कभी नहीं चले।

तो आज से ही शिकायत करना बंद करिए कि लोग आपकी बात नहीं मान रहे। जरा खुद के गिरेबान में झाँककर देखिए कि क्या आप वो काम कर रहे हैं जो आप दूसरों से करवाना चाहते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी लाइफ में सक्सेस आए तो पहले आपको सक्सेसफुल इंसान की तरह जीना शुरू करना होगा। दिखावा छोड़िए और काम करके दिखाइए। जब आपके एक्शन आपकी आवाज़ से ज्यादा शोर मचाने लगेंगे तब समझ लेना कि आप एक असली लीडर बन चुके हैं।


लेसन ३ : एम्ब्रेस द ग्राइंड

आजकल हर किसी को रातों रात सक्सेस चाहिए। इंस्टाग्राम की रील्स देखकर हमें लगता है कि लाइफ एक म्यूज़िक वीडियो की तरह है जहाँ ३० सेकंड में बॉडी बन जाती है और अगले ३० सेकंड में करोड़ों की कार आ जाती है। लेकिन निक बेयर हमें असलियत का स्वाद चखाते हैं। वो कहते हैं कि सक्सेस का असली रास्ता बहुत ही बोरिंग और थका देने वाला होता है। इसे वो ग्राइंड कहते हैं। ग्राइंड का मतलब है वो काम जो आपको बिलकुल पसंद नहीं है लेकिन फिर भी आप उसे हर दिन पूरी शिद्दत के साथ करते हैं। अगर आप बोरियत से डरते हैं तो यकीन मानिए आप कभी भी टॉप पर नहीं पहुँच पाएंगे।

सोचिए एक ऐसे इंसान के बारे में जो हर सुबह उठकर वही उबला हुआ चिकन खाता है और वही १० किलोमीटर की दौड़ लगाता है। सुनने में यह बहुत ही बोरियत भरा लगता है न। लेकिन यही वो रिपीटेशन है जो एक ऑर्डिनरी इंसान को एथलीट बनाता है। हम इंडियंस को मसालों का बहुत शौक है चाहे वो खाने में हो या लाइफ में। हमें हर चीज़ में एंटरटेनमेंट चाहिए। लेकिन हकीकत यह है कि बिजनेस खड़ा करना या फिट होना कोई एंटरटेनमेंट नहीं है। यह एक तपस्या है। निक बेयर ने अपनी कंपनी को एक छोटे से गैराज से शुरू किया था। वो सालों तक बिना किसी शोर शराबे के बस अपना काम करते रहे। उन्होंने हार नहीं मानी क्योंकि वो जानते थे कि असली जादू उस बोरियत के पीछे ही छिपा है।

हमारे यहाँ लड़के सोचते हैं कि जिम जॉइन करते ही लड़कियां उन पर फिदा हो जाएंगी। वो दो दिन जिम जाते हैं और तीसरे दिन शीशे के सामने खड़े होकर अपने एब्स ढूंढने लगते हैं। जब कुछ नहीं दिखता तो वो जिम छोड़कर समोसे खाने चले जाते हैं। निक कहते हैं कि यही वो पॉइंट है जहाँ आपकी परीक्षा होती है। क्या आप तब भी काम कर सकते हैं जब आपको कोई रिजल्ट नहीं दिख रहा। क्या आप तब भी पसीना बहा सकते हैं जब दुनिया आपको पागल कह रही हो। अगर हाँ तो आप ग्राइंड को गले लगाना सीख गए हैं।

यह लेसन पिछले दो लेसन्स को आपस में जोड़ता है। जब आप गो वन मोर मेंटेलिटी रखते हैं और खुद एग्जांपल सेट करते हैं तब आपको समझ आता है कि यह कोई एक दिन का मैच नहीं बल्कि पूरी उम्र की टेस्ट सीरीज है। आपको उस प्रोसेस से प्यार करना होगा। निक बेयर की लाइफ हमें सिखाती है कि जब आप ग्राइंड को एन्जॉय करने लगते हैं तब थकान आपको रोक नहीं पाती बल्कि वो आपको और मोटिवेट करती है। सक्सेस कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप पकड़ सकें। यह एक ऐसी स्टेट है जिसे आपको हर दिन मेहनत करके बनाए रखना पड़ता है।

तो अपनी इस फैंटेसी की दुनिया से बाहर निकलिए कि कोई फरिश्ता आएगा और आपकी किस्मत बदल देगा। निक बेयर की किताब २५ आवर्स ए डे का यही सबसे बड़ा सच है कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं है। जब आप हर दिन अपनी लिमिट्स को पुश करते हैं और बिना रुके अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते हैं तब समय भी आपके लिए रुक जाता है। अब फैसला आपके हाथ में है। क्या आप वही पुराने एवरेज इंसान बने रहना चाहते हैं या फिर आप उस एक्स्ट्रा घंटे को जीतकर अपनी तकदीर खुद लिखना चाहते हैं। उठिए और आज से ही अपने गोल्स के लिए लड़ना शुरू कीजिए। क्योंकि कल कभी नहीं आता और आज का एक मिनट भी कीमती है।


दोस्तों, निक बेयर की यह कहानी हमें सिखाती है कि हमारी असली ताकत हमारे कंफर्ट जोन के बाहर है। आज से ही खुद से वादा कीजिए कि आप कभी भी हार नहीं मानेंगे और हर मुश्किल काम में वो एक एक्स्ट्रा कदम जरूर उठाएंगे। कमेंट्स में लिखकर बताएं कि आपका वो कौन सा लक्ष्य है जिसके लिए आप आज से ही गो वन मोर शुरू करने वाले हैं।

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