अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो बिना सोचे समझे बस गधों की तरह मेहनत करने में विश्वास रखते हैं तो बधाई हो आप अपनी जिंदगी बर्बाद करने की सही राह पर हैं। जब दुनिया के सबसे चालाक लोग दूसरों की सक्सेस को पीछे से डिकोड करके चुपचाप आगे निकल रहे हैं तब आप अपनी ही धुन में पहिया दोबारा बनाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। बिना रिवर्स इंजीनियरिंग के आप सिर्फ अपनी कीमती जवानी और एनर्जी को पानी की तरह बहा रहे हैं और हाथ में सिर्फ निराशा आ रही है।
लेकिन रुकिए अभी भी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है क्योंकि आज हम इस जाल से बाहर निकलने का रास्ता साफ करेंगे। आइए रोन फ्रीडमैन की इस कमाल की किताब से उन तीन पावरफुल लेसन को गहराई से समझते हैं जो आपकी पूरी सोच को बदलकर रख देंगे।
लेसन १ : कामयाबी के पैटर्न को रिवर्स इंजीनियर करना सीखो
क्या आपको लगता है कि दुनिया के सारे जीनियस लोग पैदा होते ही अपने साथ कोई जादू की छड़ी लेकर आए थे? क्या आपको वाकई यह गलतफहमी है कि उनके दिमाग में आइडियाज सीधे भगवान आकर फिट करते हैं? अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आप बहुत सीधे हैं। असलियत यह है कि इस दुनिया के सबसे टॉप लोग कभी भी स्क्रैच से शुरुआत नहीं करते। वे पहिये का दोबारा आविष्कार करने में अपना समय बर्बाद नहीं करते। वे सीधे बनी बनाई चीजों को उठाते हैं। उसे खोलते हैं। उसके एक एक पुर्जे को देखते हैं। और समझ जाते हैं कि इसके पीछे का असली खेल क्या है। इसी को कहते हैं रिवर्स इंजीनियरिंग। यानी बनी बनाई कामयाबी को पीछे से समझना। उसके रास्ते को उल्टा ट्रैक करना।
हमारे पड़ोस के शर्मा जी के लड़के को ही देख लीजिए। शर्मा जी का लड़का दिन रात कोडिंग सीख रहा था। बिना किसी प्लान के। बिना किसी ब्लूप्रिंट के। वह सोच रहा था कि वह एक दिन सीधे सुंदर पिचाई की कुर्सी पर जाकर बैठेगा। परिणाम क्या हुआ? कुछ नहीं। वह आज भी अपने कंप्यूटर की स्क्रीन को देखकर अपना सिर खुजला रहा है। वहीं दूसरी तरफ हमारे देश के टेक स्टार्टअप्स को देखिए। उन्होंने क्या किया? उन्होंने अमेरिका के सफल बिजनेस मॉडल को देखा। उसे बारीकी से समझा। उसके अंदर की कमियों और खूबियों को निकाला। और भारत के मार्केट के हिसाब से अपना नया रूप दे दिया। यह कोई चोरी नहीं है। यह स्मार्ट वर्क है।
जब आप किसी सफल इंसान के काम को देखते हैं तो सिर्फ उसके चमकते हुए रूप को मत देखिए। आप यह मत देखिए कि वह आज स्टेज पर खड़े होकर कितनी तालियां बटोर रहा है। आप यह देखिए कि उसने पहला कदम कहाँ रखा था। उसने अपने काम की शुरुआत कैसे की थी। उसकी पहली वीडियो कैसी थी। उसका पहला ब्लॉग कैसा था। जब आप उसके पुराने काम को देखना शुरू करते हैं तब आपको समझ आता है कि वह भी कभी आपकी तरह ही आम इंसान था। उसने भी गलतियां की थीं।
मान लीजिए आप एक यूट्यूबर बनना चाहते हैं। आप कैमरा लेकर बैठ गए। कुछ भी बोलना शुरू कर दिया। फिर आप रोते हैं कि व्यूज नहीं आ रहे। लोग मेरा वीडियो नहीं देख रहे। अरे भाई, थोड़ा दिमाग लगाओ। अपने फील्ड के सबसे बड़े यूट्यूबर के वीडियो को खोलो। उसकी स्क्रिप्ट को ध्यान से सुनो। देखो कि वह पहले दस सेकंड में क्या बोलता है। वह किस तरह से अपनी बात रखता है। वह कब रुकता है और कब अपनी आवाज को ऊंचा करता है। जब आप इस तरह से देखना शुरू करेंगे तब आपको उसका छुपा हुआ फार्मूला समझ आएगा।
इस पहले लेसन का सीधा मतलब यही है कि आंख बंद करके मेहनत करना बंद करो। दूसरों की कामयाबी के पैटर्न को पहचानो। उसके पीछे के स्ट्रक्चर को डिकोड करो। जब आप इस सीक्रेट को समझ जाएंगे तो आपकी आधी मेहनत वहीं खत्म हो जाएगी। आप बिना भटके सीधे अपनी मंजिल की तरफ बढ़ेंगे। क्योंकि अब आपके पास दूसरों के अनुभवों का एक तैयार नक्शा है।
लेसन २ : सिर्फ कॉपी मत करो, अपना नया कॉम्बिनेशन बनाओ
जब आप पहले लेसन की मदद से किसी सफल चीज का छुपा हुआ फार्मूला ढूंढ लेते हैं, तो हमारे बीच के कुछ अति उत्साही लोग एक बहुत बड़ी गलती कर बैठते हैं। वे सोचते हैं कि अब तो मुझे सब कुछ पता चल गया है, तो चलो अब सीधे कट, कॉपी और पेस्ट का खेल शुरू करते हैं। वे भूल जाते हैं कि दुनिया में कार्बन कॉपी की कोई वैल्यू नहीं होती। अगर आप किसी की हूबहू नकल करेंगे, तो लोग आपको असली वाले का सस्ता वर्जन कहकर चिढ़ाएंगे। मार्केट हमेशा ओरिजिनल चीज की कीमत देता है, किसी की सस्ती जेरॉक्स कॉपी की नहीं। इसलिए रोन फ्रीडमैन कहते हैं कि सिर्फ कॉपी मत करो, बल्कि दो अलग आइडियाज को आपस में मिलाकर अपना एक नया और अनोखा कॉम्बिनेशन तैयार करो।
इस बात को हमारे देश के खाने के शौकीनों से बेहतर कौन समझ सकता है। हमारे यहाँ के कुछ महान शेफ ने देखा कि लोगों को चाइनीज नूडल्स बहुत पसंद हैं और साथ ही वे समोसे के भी दीवाने हैं। अब किसी आम इंसान का दिमाग होता तो वह या तो समोसा बेचता या नूडल्स। लेकिन हमारे देश के स्मार्ट लोगों ने दोनों को मिला दिया और बना दिया चाइनीज समोसा। यह क्या है? यह दो अलग-अलग सफल चीजों को मिलाकर बनाया गया एक नया और धमाकेदार कॉम्बिनेशन है। लोगों को इसमें पुराना जाना-पहचाना स्वाद भी मिला और एक नया ट्विस्ट भी। परिणाम यह हुआ कि यह आइटम सुपरहिट हो गया।
ठीक यही बात आपके करियर और काम पर भी लागू होती है। मान लीजिए आप एक फिटनेस ट्रेनर बनना चाहते हैं। अब अगर आप भी इंटरनेट पर मौजूद बाकी हजारों ट्रेनर्स की तरह वही बोरिंग डाइट प्लान और कसरत की बातें करेंगे, तो कोई आपको क्यों सुनेगा? लोग आपकी तरफ क्यों आएंगे? लेकिन अगर आप फिटनेस के साथ थोड़े से कॉमेडी और एंटरटेनमेंट के तड़के को मिला दें, तो बात कुछ और होगी। आप लोगों को हंसाते-हंसाते वजन कम करना सिखा रहे हैं। अब आपका यह अंदाज सबसे अलग और अनोखा बन जाएगा। लोग आपको सिर्फ एक ट्रेनर नहीं मानेंगे, बल्कि वे आपके इस नए कॉम्बिनेशन के दीवाने हो जाएंगे।
जब आप दो अलग-अलग फील्ड्स के बेस्ट एलिमेंट्स को आपस में जोड़ते हैं, तो एक तीसरी नई चीज पैदा होती है जो पूरी तरह से आपकी अपनी होती है। इसे ही असली क्रिएटिविटी कहते हैं। यह कोई आसमान से टपकने वाला जादू नहीं है। यह तो बस दो अलग-अलग रास्तों को एक जगह पर लाकर मिलाने की समझदारी है। इससे आपका काम एकदम फ्रेश लगता है और लोगों के पास आपको छोड़कर किसी और के पास जाने का कोई बहाना नहीं बचता।
आप जिस भी फील्ड में हैं, वहाँ के दो अलग-अलग ट्रेंड्स को देखिए। सोचिए कि कैसे आप उन दोनों को एक साथ मिलाकर कुछ ऐसा बना सकते हैं जो आज से पहले किसी ने न देखा हो। जब आप इस कला को सीख जाते हैं, तो आप भीड़ का हिस्सा नहीं रहते। आप खुद एक नया रास्ता बन जाते हैं। लेकिन नया रास्ता बनाने के बाद भी एक बहुत बड़ी चुनौती बाकी रह जाती है, जिसके बारे में हम अगले लेसन में बात करेंगे।
लेसन ३ : अपनी प्रोग्रेस को सही डेटा से ट्रैक करो
जब आप दूसरों के पैटर्न को समझ लेते हैं और अपना एक अनोखा कॉम्बिनेशन भी बना लेते हैं, तो आपको लगता है कि बस अब तो कामयाबी हमारे कदमों में होगी। लेकिन यहीं पर सबसे बड़ा ट्विस्ट आता है। नया रास्ता चुनना तो आसान है, लेकिन उस रास्ते पर बिना भटके लगातार आगे बढ़ते रहना सबसे मुश्किल काम है। हमारे बीच के ज्यादातर लोग जोश-जोश में शुरुआत तो बहुत शानदार करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उनका सारा मोटिवेशन हवा हो जाता है। वे बिना किसी मैप के बस अंधेरे में तीर चलाते रहते हैं। उन्हें पता ही नहीं होता कि वे सही दिशा में जा रहे हैं या गलत। रोन फ्रीडमैन कहते हैं कि अगर आपको वाकई टॉप पर पहुंचना है, तो अपनी फीलिंग्स पर नहीं बल्कि सही डेटा और फीडबैक पर भरोसा करना सीखो।
मान लीजिए हमारे एक दोस्त ने नए साल पर कसम खाई कि वह इस बार एकदम फिट होकर रहेगा। उसने जिम की महंगी मेंबरशिप ले ली। पहले ही दिन से उसने दो घंटे पसीना बहाना शुरू कर दिया। हर सुबह वह शीशे के सामने खड़े होकर देखता और सोचता कि आज डोले थोड़े बड़े लग रहे हैं। लेकिन दो हफ्ते बाद जब उसने वजन नापा, तो एक ग्राम भी कम नहीं हुआ था। उसका दिल टूट गया और उसने जिम जाना ही छोड़ दिया। यहाँ गड़बड़ कहाँ हुई? गड़बड़ यह हुई कि वह सिर्फ अपनी फीलिंग्स के भरोसे चल रहा था। उसने अपनी कैलोरीज ट्रैक नहीं कीं। उसने अपनी प्रोग्रेस का कोई सही रिकॉर्ड नहीं रखा। अगर उसने हर दिन का डेटा लिखा होता, तो उसे समझ आता कि कमी कहाँ रह गई है।
दुनिया के सबसे महान खिलाड़ी या बिजनेसमैन कभी भी अंदाजे से काम नहीं करते। वे अपने हर एक कदम का डेटा रखते हैं। वे देखते हैं कि उनकी कौन सी चाल काम कर रही है और कौन सी फ्लॉप हो रही है। जब आपके पास अपनी प्रोग्रेस का पूरा चार्ट होता है, तो आपका दिमाग आपको बेवकूफ नहीं बना पाता। आपको साफ-साफ दिखने लगता है कि आप कल कहाँ थे और आज कहाँ हैं।
अगर आप ब्लॉग लिख रहे हैं, तो सिर्फ यह मत देखिए कि मुझे लिखना अच्छा लगता है। यह देखिए कि लोग आपके ब्लॉग के किस हिस्से को सबसे ज्यादा पढ़ रहे हैं। वे कहाँ से छोड़कर भाग रहे हैं। जब आप अपनी कमियों को इस तरह से नंबर्स में देखना शुरू करते हैं, तो सुधार करना बहुत आसान हो जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे डॉक्टर पहले आपकी बीमारी का टेस्ट करता है और फिर सही दवा देता है। बिना डेटा के काम करना ऐसा ही है जैसे पट्टी बांधकर गाड़ी चलाना। एक्सीडेंट होना तो तय है।
इसलिए हवा में तीर चलाना बंद कीजिए। अपने काम का एक सिस्टम बनाइए। हर हफ्ते अपनी गलतियों को नोट कीजिए। दूसरों से सच्चा फीडबैक लीजिए, भले ही वह सुनने में थोड़ा कड़वा लगे। क्योंकि वही कड़वा फीडबैक आपको आने वाले कल का विनर बनाएगा।
तो दोस्तों, अब बहाने बनाना बंद करो। दुनिया के सबसे सफल लोग कोई सुपरह्यूमन नहीं हैं। वे बस सही सिस्टम को फॉलो करते हैं। वे दूसरों की कामयाबी को रिवर्स इंजीनियर करते हैं, अपना नया कॉम्बिनेशन बनाते हैं और हर दिन अपनी प्रोग्रेस को डेटा के साथ ट्रैक करते हैं। अब यह आपकी बारी है। पहिये का दोबारा आविष्कार करने में अपना समय बर्बाद मत कीजिए।
आज ही अपने फील्ड के किसी एक सफल इंसान को चुनिए और उसके काम को पीछे से डिकोड करना शुरू कीजिए। आपको उनकी कौन सी स्ट्रेटेजी सबसे बेस्ट लगी, हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताइए। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ शेयर करना बिल्कुल मत भूलना जो दिन-रात बस अंधाधुंध मेहनत किए जा रहा है। उठो, डिकोड करो और छा जाओ।
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