The YouTube Formula (Hindi)


अगर आप भी रोज घटिया वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अमीर बनने का सपना देख रहे हैं, तो बधाई हो, आप अपनी जिंदगी का सबसे कीमती समय और इंटरनेट डेटा दोनों बर्बाद कर रहे हैं। बिना सही स्ट्रेटजी के वीडियो डालना वैसा ही है जैसे बिना पानी के कुएं में तैरना।

इस कड़वे सच के बाद, अगर आप सच में यूट्यूब का असली गेम समझना चाहते हैं, तो डैरल ईव्स की किताब आपके डूबते हुए चैनल के लिए तिनके का सहारा बन सकती है। चलिए इस किताब के ३ सबसे बड़े लेसंस को आसान भाषा में समझते हैं जो आपके चैनल की किस्मत बदल सकते हैं।


लेसन १ : अल्गोरिदम को नहीं इंसानी दिमाग को समझो (ह्यूमन सेंटर्ड अप्रोच)

तो चलिए शुरू करते हैं उस सच से जो आपको कोई बड़ा यूट्यूबर कभी नहीं बताएगा। आपके प्यारे फूफा जी के लड़के ने नया चैनल खोला है। वह दिन-रात टैग्स डालता है। वह डिस्क्रिप्शन में दुनिया भर के कीवर्ड्स भर देता है। उसे लगता है कि कोई जादुई कंप्यूटर आएगा और उसका वीडियो रातों-रात वायरल कर देगा। अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो भगवान आपकी आत्मा को शांति दे।

डैरल ईव्स अपनी किताब में साफ कहते हैं कि यूट्यूब का कोई एक फिक्स कंप्यूटर कोड नहीं है जिसे आप हैक कर लेंगे। यह अल्गोरिदम कोई रोबोट नहीं है। यह असल में आपके मोहल्ले की उस चाची की तरह है जो सब पर नजर रखती है। इस अल्गोरिदम का सिर्फ एक ही काम है। इसे यह देखना है कि इंसान क्या देखना पसंद कर रहे हैं।

जब आप वीडियो बनाते हैं, तो आप कंप्यूटर को खुश करने की कोशिश करते हैं। यहीं पर आप सबसे बड़ी गलती करते हैं। कंप्यूटर वीडियो नहीं देखता। वीडियो आपका दोस्त, आपका पड़ोसी या कोई अनजान इंसान देखता है। अगर उस इंसान को आपका वीडियो पसंद नहीं आया, तो अल्गोरिदम उसे कचरे के डिब्बे में डाल देगा।

मान लीजिए आपने एक वीडियो बनाया। उसका टाइटल रखा कि दो दिन में करोड़पति कैसे बनें। थंबनेल पर एक चमचमाती कार लगा दी। अब लोग उस पर क्लिक तो करेंगे। लेकिन अंदर जाते ही जब उन्हें पता चलेगा कि आप सिर्फ चाय बनाने की रेसिपी सिखा रहे हैं, तो वह पांच सेकंड में भाग जाएंगे। जैसे ही वह भागेंगे, यूट्यूब का सिस्टम समझ जाएगा कि दाल में कुछ काला है। वह आपके वीडियो को आगे प्रमोट करना बंद कर देगा।

सक्सेस का असली फार्मूला बहुत सिंपल है। आपको डेटा के पीछे नहीं, बल्कि दिल के पीछे भागना है। आपको समझना होगा कि स्क्रीन के उस पार जो बैठा है, वह एक जीता-जागता इंसान है। उसकी अपनी भावनाएं हैं। उसका अपना समय है। अगर आप उसका समय बर्बाद करेंगे, तो वह आपको अनसब्सक्राइब करने में एक सेकंड भी नहीं लगाएगा।

इसलिए अगली बार जब आप कैमरा ऑन करें, तो अल्गोरिदम के बारे में सोचना बंद कर दें। यह सोचें कि जो लड़का मेट्रो में बैठकर आपका वीडियो देख रहा है, क्या उसे मजा आ रहा है। क्या उसे कुछ नया सीखने को मिल रहा है। अगर जवाब हाँ है, तो अल्गोरिदम अपने आप आपके पैर छूने आएगा। इंसानी दिमाग को पढ़ना सीखिए, कंप्यूटर अपने आप सेट हो जाएगा।


लेसन २ : ट्राई, फेल, एनालाइज और एडजस्ट का फार्मूला

जब आप इंसानी दिमाग को समझने की कला सीख जाते हैं, तो आपके अंदर का सोता हुआ कलाकार जाग जाता है। अब आप जोश में आकर पहला वीडियो इंटरनेट पर अपलोड कर देते हैं। आप रात भर सो नहीं पाते। हर पांच मिनट में फोन का स्क्रीन ऑन करके व्यूज चेक करते हैं। सुबह तक कुल तीन व्यूज आते हैं, जिनमें से दो आपके खुद के होते हैं और एक आपकी मम्मी का। बस, यहीं पर आपका दिल टूट जाता है और आप कंबल ओढ़कर सो जाते हैं।

डैरल ईव्स कहते हैं कि अगर आप पहली ही गेंद पर छक्का मारने की सोच रहे हैं, तो आप यूट्यूब के खेल के लिए बने ही नहीं हैं। यहाँ का नियम बहुत सीधा है। आपको बार-बार गिरना होगा। आपको बार-बार फेल होना होगा। जो इंसान अपनी नाकामयाबी से डर गया, वह समझो इस रेस से बाहर हो गया।

यहाँ पर एक जादुई फार्मूला काम करता है। इसे कहते हैं टेस्ट, फेल, एनालाइज और एडजस्ट। मान लीजिए आपने एक वीडियो बनाया और वह बुरी तरह फ्लॉप हो गया। अब आपके पास दो रास्ते हैं। या तो आप किस्मत को दोष देकर रोते रहिए, या फिर अपने चैनल के एनालिटिक्स वाले कमरे में जाइए। वहाँ जाकर देखिए कि लोगों ने आपका वीडियो देखना कहाँ बंद किया।

शायद आपका थंबनेल इतना बोरिंग था कि किसी ने उस पर क्लिक ही नहीं किया। या फिर हो सकता है कि वीडियो के शुरू के दस सेकंड में आपने इतनी बकवास की कि लोग तंग आकर भाग गए। यूट्यूब आपको हर एक डेटा साफ-साफ दिखाता है। यह डेटा आपकी कुंडली है। इसे पढ़ना सीखिए।

जब आपको अपनी गलती समझ आ जाए, तो अगले वीडियो में उसे सुधारिए। अगर पिछला थंबनेल पीला था, तो इस बार लाल रंग का इस्तेमाल करके देखिए। अगर पिछली बार आपने शुरू में बहुत लंबा भाषण दिया था, तो इस बार सीधे मुद्दे की बात कीजिए। इसे ही एडजस्ट करना कहते हैं।

यूट्यूब पर कोई भी मां के पेट से सीखकर नहीं आता। आज जिसके मिलियन सबस्क्राइबर्स हैं, उसका पहला वीडियो उठाकर देख लीजिए। वह इतना खराब होगा कि आपको खुद पर भरोसा आ जाएगा। इसलिए अपनी कमियों को अपना हथियार बनाइए। हर एक फ्लॉप वीडियो आपको यह सिखाने आता है कि अगली बार क्या नहीं करना है। जब आप अपनी गलतियों को सुधारते हुए लगातार आगे बढ़ते हैं, तो सफलता का रास्ता अपने आप खुल जाता है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। जब व्यूज आने लगते हैं, तो असली खेल शुरू होता है, जिसे हम अगले लेसन में समझेंगे।


लेसन ३ : सिर्फ ऐड रेवेन्यू पर निर्भर मत रहो (बिजनेस डाइवर्सिफिकेशन)

अब मान लेते हैं कि आपने गलतियों से सीखा और आपके कुछ वीडियो वायरल हो गए। आपके बैंक अकाउंट में यूट्यूब की तरफ से पहली कमाई आ गई। आप फूले नहीं समा रहे हैं। आप अपने दोस्तों को पार्टी दे रहे हैं और सोच रहे हैं कि अब तो जिंदगी सेट है। अगर आप भी सिर्फ इसी एक कमाई के भरोसे अपनी सरकारी नौकरी छोड़ने का मन बना रहे हैं, तो जरा ठहरिए। आप बहुत बड़े जाल में फंसने जा रहे हैं।

डैरल ईव्स अपनी किताब में एक बेहद कड़वा सच बताते हैं। यूट्यूब का विज्ञापन का पैसा मौसम की तरह होता है। यह कभी बहुत ज्यादा होता है, तो कभी बिल्कुल गायब हो जाता है। अगर आप सिर्फ इस एक इनकम सोर्स पर टिके रहे, तो किसी भी दिन जब अल्गोरिदम बदलेगा, आपका पूरा बिजनेस ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगा। एक समझदार यूट्यूबर कभी भी अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखता।

आपको अपने चैनल को सिर्फ एक वीडियो प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता बिजनेस ब्रैंड बनाना होगा। जब लोग आपके काम पर भरोसा करने लगें, तो आपको कमाई के दूसरे रास्ते खोजने होंगे। आपको ब्रैंड्स के साथ डील्स करनी होंगी। लेकिन ध्यान रहे, ऐसी ब्रैंड्स का प्रमोशन कभी मत कीजिए जिस पर आपको खुद भरोसा न हो। आपकी ऑडियंस आपकी असली दौलत है, उनका भरोसा टूट गया तो सब खत्म।

इसके अलावा आप अपनी खुद की मर्चेंडाइज लॉन्च कर सकते हैं। आप अपनी ऑडियंस की ईमेल लिस्ट बना सकते हैं ताकि अगर कल को यूट्यूब बंद भी हो जाए, तो भी आपके फैंस सीधे आपसे जुड़े रहें। दुनिया के जितने भी बड़े और सक्सेसफुल क्रिएटर्स हैं, वह इसी फार्मूले पर काम करते हैं। वह वीडियो से सिर्फ अपनी पहचान बनाते हैं, असली बिजनेस तो वह स्क्रीन के पीछे खड़ा करते हैं।

जब आप इंसानी दिमाग को समझ लेते हैं, अपनी गलतियों से सीखकर खुद को सुधारते हैं और अपनी कमाई के तरीकों को बढ़ा लेते हैं, तब जाकर आप एक असली और कामयाब क्रिएटर बनते हैं। यह कोई पार्ट-टाइम हॉबी नहीं है, यह एक पूरा बिजनेस साम्राज्य है।


तो मेरे प्यारे दोस्तों, अब समय आ गया है कि आप सिर्फ दूसरों के वीडियो देखकर अपना समय बर्बाद करना बंद करें। कैमरा उठाइए, अपनी पहली स्क्रिप्ट लिखिए और आज ही अपना पहला कदम बढ़ाइए। अगर आप सच में अपने चैनल को लेकर सीरियस हैं, तो नीचे कमेंट में लिखिए कि आप इस हफ्ते कौन सा नया वीडियो बनाने जा रहे हैं। इस आर्टिकल को अपने उस दोस्त के साथ जरूर शेयर कीजिए जो रोज सिर्फ यूट्यूबर बनने के सपने देखता है पर काम कुछ नहीं करता। उठिए और शुरू हो जाइए।

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